Dance Competition

Students of JIMP PIONEER SCHOOL performed excellent dance performance  at NANCY INTERNATIONAL SCHOOL  DOIWALA DEHRADUN. This was an outstanding opportunity for the young dancers to meet students from around the  Dehradun city . They also forged friendships with other students of renowned schools of Dehradun  and with dancers from other schools . Congratulations!

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CRICKET

In JIMP PIONEER SCHOOL   Cricket Coach   delivers an introductory cricket program for children aged 4 to 10 years. Children are introduced to basic skills and the principles of cricket in a fun and safe environment.

PRIMARY  CRICKET is a structured   program which seeks to provide each child with the opportunity to develop cricket skills, physical fitness, social skills, sportsmanship and understanding of the game of cricket.
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Play Football

Football is the fast moving game that involves a lot of skill like shooting, dribbling, passing and much more.  It is a team sport involving two teams of eleven active players. Foot ball is a great way for kids to get active and have fun.

In JIMP PIONEER SCHOOL , we have a sufficiently large play ground to teach football skills to the students who are trained with foot ball skills in their sports period.

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Earth Day

दिनांक 22 अप्रैल 2016 को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल में एक सेमिनार का आयोजन किया गया| इस सेमिनार में विध्यालय के सभी विध्यार्थियों ने भाग लिया व कक्षा 9 व 10 के सभी विध्यार्थियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए | विध्यार्थियों ने विश्व पृथ्वी दिवस पर पृथ्वी बचाओ का संदेश देते हुए कहा कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 500 मीट्रिक टन पॉलीथिन का निर्माण होता है, लेकिन इसके एक प्रतिशत से भी कम की रीसाइकिलिंग हो पाती है. अनुमान है कि भोजन के धोखे में इन्हे खा लेने के कारण प्रतिवर्ष 1,00,000 समुद्री जीवों की मौत हो जाती है. पॉलीथीन कचरे से देश में प्रतिवर्ष लाखों पशु-पक्षी मौत का ग्रास बन रहे हैं| जमीन में गाड़ देने पर पॉलीथिन थैले अपने अवयवों में टूटने में 1,000 साल से अधिक ले लेती है. यह पूर्ण रूप से तो कभी नष्ट होते ही नहीं हैं. यहाँ तक कि जिन पॉलीथिन के थैलों पर बायोडिग्रेडेबल लिखा होता है, वे भी पूर्णतया इकोफ्रेंडली नहीं होते है|

विध्यार्थियों ने पृथ्वी को बचाने के लिए निम्न उपाय करे को कहा :-

  1. बाजार जाते समय साथ में कपड़े का थैला, जूट का थैला या बॉस्केट ले जाएं|
  2. हम प्रत्येक सप्ताह कितने पॉलीथिन थैलों का इस्तेमाल करते हैं, इसका हिसाब रखें और इस संख्या को कम से कम आधा करने का लक्ष्य बनाएं|
  3. यदि पॉलीथिन थैले के इस्तेमाल के अलावा कोई और विकल्प न बचे तो एक सामान को एक पॉलीथिन थैले में रखने के स्थान पर कई सामान एक ही थैले में रखने की कोशिश करे|
  4. घर पर पॉलीथिन थैलों का काफी उपयोग किया जाता है, जैसे लंच पैक करना, कपड़े रखना या कोई अन्य घरेलू सामान रखना, इनमें से कुछ को कम करने का प्रयास करे|
  5. पॉलीथिन के थैलों से जितना बच सकते है, बचें| पॉलीथिन के थैलों को एक बार इस्तेमाल कर फेंकने के स्थान पर उनका पुन: प्रयोग करने का प्रयास करे.
  6. स्थानीय अखबारों में चिट्ठिया लिखकर, स्कूल में पोस्टर के द्वारा या प्रजेंटेशन से इस मसले पर जागरुकता फैलाने का काम करे
  7. आज के दिन पोलीथिन के उपयोग से बचें| बाजार जाते समय कप़ड़े का बेग साथ लें जाएँ| विध्यार्थियों ने कहा ऐसा कर हम पर्यावरण संरक्षण यज्ञ में छोटी ही सही, पर महत्वपूर्ण आहूति दे सकते हैं|

विध्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि इस धरती को हरा-भरा व प्रदूषण मुक्त करके ही बचा सकते हैं|इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे|

विध्यालय के अध्यक्ष श्री के एन जोशी ने कहा कि
ये बात कई रिसर्चों से सिद्ध हो चुकी हैं। पेड़ पौधे जब सांस लेते हैं तो वो हमारे लिए हानिकारक कार्बन डाई ऑक्साइड खुद लेते हैं और हमें आक्सीजन देते हैं। लिहाजा वो असल में अपने भाई होने का प्रमाण देते हैं जबकि बदले में हम उन्हें इस भाव से नहीं देखते, अगर हम भी उन्हें इस भाव से देखें तो हम पर्यावरण और पृथ्वी दोनों को बचा सकेंगे।

बच्चों ने इन बातों को गंभीरता से समझा और पृथ्वी दिवस के दिन सामूहिक रूप से शपथ भी ली कि हर बच्चा एक पेड़ लगाएगा और लोगों इसके लिए जागरुक भी करेगा, जिससे हमारी पृथ्वी बच सके।

विध्यालय में वृक्षारोपण किया गया |

श्री अर्जुन सिंह (पी जी टी हिन्दी) ने कहा कि हमारे पृथ्वी ग्रह पर जो कुछ भी हो रहा है? इन सभी के लिए मानव ही जिम्मेदार हैं, जो आज ग्लोबल वार्मिग के रूप में हमारे सामने हैं. धरती रो रही है. निश्चय ही हम ही दोषी हैं. भविष्य की चिंता से बेफिक्र हरे वृक्ष काटे गए, इसका भयावह परिणाम भी दिखने लगा है| सूर्य की पराबैगनी किरणों को पृथ्वी तक आने से रोकने वाली ओजोन परत का इसी तरह से क्षरण होता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब पृथ्वी से जीव-जन्तु व वनस्पति का अस्तिव ही समाप्त हो जाएगा. जीव-जन्तु अंधे हो जाएंगे. लोगों की त्वचा झुलसने लगेगी और त्वचा कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ जाएगी|. समुद्र का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाके चपेट में आ जाएंगे|

कार्यकरम का संचालन कल्पना सजवान अध्यापिका ने किया|

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Bharat Ratna Dr B R Ambedkar Jayanti

दिनांक 13 अप्रैल 2016 को डॉ0 भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया| इस विचार गोष्ठी में कक्षा 9 व 10 के सभी विध्यार्थियों ने भाग लिया| कक्षा 9 व 10 के विध्यार्थियों ने निम्न विषयों में अपने विचार व्यक्त किए-

  • डाक्टर भीमराव अंबेडकर एक महान नेता|
  • महिला सशक्तिकरण पर डाक्टर भीमराव अंबेडकर का योगदान|
  • डाक्टर भीमराव अंबेडकर एक प्रेरणाश्रोत |
  • डाक्टर भीमराव अंबेडकर का मानवता के प्रति सम्मान तथा असमानता, अन्याय व शोषण के विरुद्ध संघर्ष |

कक्षा 9 के विध्यार्थियों ने अपने विचारों में कहा कि डाक्टर भीमराव अंबेडकर ने अत्यंत जटिल परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए जिस मुकाम को हासिल किया वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि डाक्टर भीमराव अंबेडकर ने जाति प्रथा, छुआ-छूत चतुर्वर्ण प्रणाली के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपना जीवन न्योछावर कर दिया था। उन्होंने बताया कि डाक्टर भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में भारत के नए संविधान की रचना हुई थी।

इस अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पांडे ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व में मानवता के प्रति सम्मान तथा असमानता, अन्याय व शोषण के विरुद्ध संघर्ष करने का अद्भुत समन्वय था। उन्होंने आमजन को समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से करते हुए ऐसी महान विभूतियों के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।

कक्षा 10 के छात्र-छात्राओं ने अपने विचारों में कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित हिन्दू कोड बिल से पूर्व इसाई और मुस्लिम समुदाय की तरह हिन्दू समाज के लिए कोई पर्सनल लॉं नहीं था। भारतीय हिन्दू समाज में विवाह , उतराधिकार , दत्तक  , निर्भरता या गुजारा भत्ता  आदि का नियम-कानून एक समान नहीं था। विधवा को मृत पति के संपत्ति  पर हक नहीं था। सवर्ण समाज में विधवा विवाह की परंपरा नहीं थी। सदियों से महिलाओं के साथ हो रही अमानुषिक व्यवहार को समूल नष्ट करने के लिए 11 अप्रैल 1947 को डॉ भीमराव अंबेडकर ने लोकसभा में हिन्दू कोड बिल पेश किया। इस बिल के अंततर्गत हिन्दू विवाह अधिनियम , विशेष विवाह अधिनियम , गोद लेना ( दत्तक  ग्रहण ) अधिनियम , हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम , निर्बल तथा साधनहीन पारिवारिक सदस्यों का भरण पोषण , अप्राप्तव्य संरक्षण संबंधी अधिनियम , उतराधिकारी अधिनियम , हिन्दू विधवा को पुनर्विवाह अधिनियम आदि कानून बनाये।

हिन्दू कोड बिल के जैसा महिला हितों की रक्षा करने वाला विधान बनाना भारतीय कानून के इतिहास की महत्वपूर्ण घटना है।

इस अवसर पर सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित थे|

कार्यकरम का संचालन कल्पना सजवान अध्यापिका ने किया|

 

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World Health Day 2016

दिनांक 7 अप्रैल 2016 को विश्व स्‍वास्‍थ्‍य दिवस के अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया| इस विचार गोष्ठी में कक्षा 9 व 10 के सभी विध्यार्थियों ने भाग लिया|

इस अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पांडे ने कहा कि हमें अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता, पालतु जानवरों की स्वच्छता, पर्यावरण की स्वच्छता, अपने आस-पास की स्वच्छता, और कार्यस्थल की स्वच्छता आदि करनी चाहिये। हमें पेड़ों को नहीं काटना चाहिये और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिये पेड़ लगाना चाहिये व उसकी सुरक्षा करनी चाहिए।

विध्यार्थियों ने विश्व स्वास्‍थ्‍य दिवस पर निम्न विचार व्यक्त किए:

1-हमें संतुलित आहार लेना चाहिये जिससे हमारा स्‍वास्‍थ्‍य निर्माण हो सके |
2-आज तनाव और भागदौड़ हमारे जीवन में बहुत ही आम है। इन समस्याओं से बचने के लिए हम व्यायाम करें और फिट रहें।
3- बीमारियों से बचना है तो किसी भी बीमारी में चिकित्सक से मिलने में देरी ना करें।
4-स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद बेहद आवश्यक है। समय पर सोने और समय पर जागने की आदत बनायें।

5- तनावमुक्‍त होकर हम अपने सभी काम आसानी से और कम समय में कर सकते हैं, इसलिए तनावमुक्त होने का प्रयास करें।

 

कक्षा 9 की छात्रा अपर्णा पैनुली ,दीक्षा ,कावेरी रावत ने कार्यकरम का संचालन करते हुए कहा “यह मौसम बीमारियों का मौसम होता है इस समय हैजा और मलेरिया जैसे रोगों का प्रकोप ज्यादा होता है। इन रोगों से बचने के लिए बाहरी और बासी खाना खाने से परहेज करना चाहिये । धूप में निकलते समय अपने पूरे शरीर को ढक कर रखना चाहिये तथा खूब पानी पीना चाहिये|”

कक्षा 10 की छात्रा रिचा नेगी व संध्या गुरुङ ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2016 के लिए डायबिटीज़ रोग से मुक्त समाज पर फोकस किया गया है |हमे इस रोग से बचने के लिए प्रतिदिन शारीरिक व्यायाम करना चाहिए तथा संतुलित आहार लेना चाहिए|

जिम्प पायनियर स्कूल के अध्यक्ष श्री के एन जोशी ने कहा कि विध्यार्थियों व ग्रामवासियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया|उन्होने कहा कि हर अभिवावक को तार्किक रुप से स्वच्छता के उद्देश्य, फायदे और जरुरत आदि के बारे में अपने बच्चों से बात करनी चाहिये। उन्हे जरुर बताना चाहिये कि स्वच्छता हमारे जीवन में खाने और पानी की तरह पहली प्राथमिकता है।

इस अवसर पर विध्यार्थियों को हेल्थ व हायजीन पर एक लघु फिल्म दिखाई गयी|

कार्यकरम का संचालन कल्पना सजवान अध्यापिका ने किया|

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