Awarded for winning the Gold medal in National Games

राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण पदक जीतने पर बालिकों को किया सम्मानित |

राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण पदक जीतने पर जिम्प पायनियर विद्यालाय की कक्षा 11 कला की छात्रा मनीषा पाल व कक्षा 12 कॉमर्स की छात्रा रश्मी पाल को श्री सहदेव सिंह पुंडीर माननीय विधायक सहसपुर विधान सभा ने सम्मानित किया |मनीषा पाल ने 1500 मीटर व रश्मी पाल ने 800 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता जोकि विद्याधर नगर स्टेडियम, जयपुर में खेला गया |             अतः दोनों ही अंतराष्ट्रीय खेल के लिये चुनी गयी है |                                                                                                                                                                                                         विद्यालाय के प्रधानचार्य श्री जगदीश पाण्डेय जी ने उन्हे बधाई दी और विद्यालाय के अन्य बच्चो को पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी आगे बढ़ने की शिक्षा दी |

 

 

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Workshop On Moral Values

दिनांक 24-08-2017 को जिम्प पायनियर स्कूल ग्राम-पीतांबरपुर,आर्केडिया-ग्रांट, देहरादून में कक्षा 6 ,7 व 8 के विध्यार्थियों को नैतिक मूल्यों व विध्यार्थियों में अच्छे संस्कारों के महत्व को समझाया गया |

मुख्य अतिथि  अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य केन्द्रीय विध्यालय संगठन श्रीमती हाँडु ने कहा कि बच्चों को आत्म निर्भर बनाना चाहिए जैसे   स्वयं नहाना ,  कपड़े पहनना, साफ-सफाई करना, अपनी पुस्तकें, बिस्तर, कपड़े, बर्तन आदि वस्तुएं उठा कर यथा स्थान रखना| अतिथि मेहमानों का स्वागत करना| अपनी दिनचर्या बड़े मनोयोग से करना आदि|

विशिष्ट अतिथि श्रीमती अनीता मेयर अवकाश प्राप्त शिक्षिका  केन्द्रीय विध्यालय संगठन ने कहा कि अभिभावक बच्चों के समय का महत्व समझें अपने अल्प स्वार्थ के लिए उनके अध्ययन में  विघ्न न डालें| बच्चों के साथ मारपीट न करें |बच्चों को आज्ञा देते समय आपकी आवाज अधिकार पूर्ण ढंग से न होकर सप्रेम निवेदन के रुप में हो| बच्चों में आप अविश्‍वास न रखें और न उन्हें बदनाम करें| अवसर देख प्रेम से समझाएं|

सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती नविता गुप्ता ने कहा कि अभिभावक अनजान में खेल-कूद में कपड़े फटने पर बच्चों को दण्ड न दें| उसे प्रेम से हानि लाभ समझावें|

इस अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पांडे ने कहा कि बच्चों में संस्कारों का विकास हमेशा अपने से बड़ों को देखकर ही होता है इसलिए अपने आचरण को सही रखना भी उतना ही जरूरी है जितना बच्चे पर ध्यान देना। कहते हैं न ‘अगर ठीक से खाद डाली जाए, तो पौधा बहुत सुंदर होता है’ और संस्कार उसी खाद का काम करते हैं। लोग अपने बच्चों को हर चीज उपलब्ध करवाने की जिद में उनकी हर जायज व नाजायज मांग को पूरा कर देते हैं, जिससे उनमें हर कीमत पर कुछ भी पाने की प्रवृत्ति का विकास होता है। ऐसा करते समय माता-पिता यह नहीं सोचते कि वे अपने बच्चे को सिर्फ लेना सिखा रहे हैं, देना नहीं। अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। आज के व्यस्त जीवन में जहां माता-पिता दोनों ही कामकाजी हैं, बच्चों की हर एक गतिविधि पर पूरा ध्यान दे पाना थोड़ा मु‍श्किल हो जाता है। चाहे आप काम के सिलसिले में बाहर रहें या घर पर, बच्चों को मनमानी करने से हमेशा रोकें या उनमें यह आदत डालें कि वे आपकी सहमति से ही कोई काम करें। आज के बच्चे सारे काम अंगुलियों के इशारे पर करते हैं जैसे प्लेयर पर गाने सुनना, कम्प्यूटर पर गेम खेलना, टीवी देखना, फेसबुक चलाना, व्हाट्‍स ऐप आदि। आजकल तो बच्चों का सारा समय इंटरनेट पर ही गुजरता है। वे  नहीं समझते क्या गलत है और क्या सही। वे तो वही सीखते हैं जो उन्हें दिखाई देता है। इसलिए बच्चों के हाथ में तकनीकी खिलौना देने के साथ ही उनको इस तकनीकी खिलौने के हानि-लाभ समझाना भी  बहुत जरूरी है|

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Clean India Campaign in our School

Swachhathon 1.0-The Swachh Bharat Hackathon

On 23rd August 2017 the National Campaign, Swachh Bharat hackathon was organised in Jimp Pioneer School. A key feature of the campaign is to ensure that school has set of functioning and well maintained water, sanitation and hygiene facilities. These activities promote the conditions within the school and the practices of children that help to prevent water, hygiene and sanitation related diseases. In order to be successfully implemented, the Jimp Pioneer School built a committee of teachers and students.

The Jimp Pioneer School focus on the following elements:-

1) Sanitation:-

  • Separate toilets for boys and girls.
  • Menstrual hygiene management facilities including soap, adequate and private space for changing and disposal facilities for menstrual waste like dustbins.

2) Daily hand washing with soap before meal or lunch.

  • Group hand washing with soap sessions are conducted before the recess are supervised by class-teachers who emphasize good hand washing techniques.

The students were taught about the need to maintain basic hygiene and sanitation, students should understand the adverse health effects of filth lying around. Hence, we explained it to them the impact and the need to maintain a healthy environment. Teachers feel that if students are taught about the need to maintain basic sanitation and cleanliness in all aspects, then they will also ensure that these are maintained at home. Thus, making it easier for the society to spread the message of a clean and beautiful city. Said Jagdish Pandey, principal of the school.

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