Free medical health checkup

जिम्प पायनियर स्कूल पीतांबरपुर आर्केडिया-ग्रांट देहरादून द्वारा विध्यालय में अद्द्यनरत विद्यार्थियों व  उनके अभिभावकों का नि:शुल्क (फ्री) मेडिकल चेकअप सुभारती अस्पताल नन्दा की चौकी प्रेमनगर  में कराया गया |विध्यार्थियों व उनके अभिभावकों को  फ्री मेडिकल चेकअप हेतु नि:शुल्क बसों द्वारा  सुभारती अस्पताल नन्दा की चौकी प्रेमनगर  ले जाया  गया | कक्षावार विध्यार्थियों व उनके अभिभावकों के साथ ही विध्यार्थियों के दादा-दादी /नाना-नानी को नि:शुल्क (फ्री) मेडिकल चेकअप हेतु  सुभारती अस्पताल में बसों द्वारा ले जाया गया |प्रत्येक विध्यार्थी व उनके अभिभावकों के साथ ही विध्यार्थियों के दादा-दादी /नाना-नानी को  चाइल्ड विशेषज्ञ ,दन्त रोग विशेषज्ञ ,आँख के विशेषज्ञ ,ई0एन0टी0 विशेषज्ञ ,पेट रोग विशेषज्ञ ,त्वचा रोग विशेषज्ञ,स्त्री रोग विशेषज्ञ ,हड्डी रोग विशेषज्ञ  आदि ने नि:शुल्क (फ्री) मेडिकल चेकअप किया |

आवश्यकतानुसार  विध्यार्थियों के टेस्ट,एक्सरे,दांतों की सफाई ,अल्ट्रासाउंड फ्री किए गए ,साथ ही विध्यार्थियों को दवाइयाँ व टानिक इत्यादि भी फ्री दिये गए |

अभिभावकों का मेडिकल चेकअप  फ्री किया गया  |इस  फ्री मेडिकल चेकअप का विध्यार्थियों के साथ ही अभिभावकों को बहुत लाभ हुआ |विशेष रूप से विध्यार्थियों के बुड़े दादा-दादी/नाना-नानी इत्यादि ने अपने घुटने के दर्द इत्यादि का संबन्धित विशेषज्ञ से इलाज कराया|

जिम्प पायनियर स्कूल द्वारा विध्यार्थियों व अभिभावकों के लिए किए गए इस नि:शुल्क (फ्री) मेडिकल चेकअप करवाने के साथ ही उनके  आने-जाने की बस की व्यवस्था मुफ्त करवाने पर अभिभावकों ने बहुत प्रशंसा की |

सुभारती अस्पताल की मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट डॉ जीवन आशा ,सर्जन डॉ मोंगिया व अस्पताल के पी0आर0ओ0 डॉ रवीन्द्र शर्मा ने विध्यार्थियों व अभिभावकों के लिए किए गए इस नि:शुल्क (फ्री) मेडिकल चेकअप में महत्वपूर्ण योगदान दिया |

इस अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पांडे ने सुभारती अस्पताल प्रशासन का विद्यार्थियों व अभिभावकों का नि:शुल्क मेडिकल चेक-अप करने पर आभार व्यक्त किया और  कहा कि  “ स्वास्थ्य ही धन है ”  क्योंकि, हमारा शरीर ही हमारी सभी अच्छी और बुरी सभी तरह की परिस्थितियों में हमारे साथ रहता है।  यदि हमारा स्वास्थ्य ठीक है, तो हम अपने जीवन में किसी भी बुरी परिस्थिति का सामना कर सकते हैं। यदि कोई स्वस्थ नहीं है, तो वह अवश्य ही जीवन का आनंद लेने के स्थान पर जीवन में स्वास्थ्य संबंधी या अन्य परेशानियों से पीड़ित होगा|अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए, हमें सन्तुलित भोजन, नियमित हल्का व्यायाम, ताजी हवा, स्वच्छ पानी, पर्याप्त सोना और आराम, स्वच्छता, नियमित चिकित्सकीय जाँच, शिक्षकों और अपने बड़ों की बातों का पालन करना आदि करने की आवश्यकता है।

                                                                                                                 

Waste management activity by the students of JIMP PIONEER SCHOOL

जिम्प पायनियर स्कूल पीतांबरपुर, आर्केडिया-ग्रांट, देहरादून व कुमाऊँ संस्कृति संरक्षण समिति ,बनियावाला ,देहरादून, उत्तराखंड के संयुक्त तत्वाधान में ग्राम-आर्केडिया-ग्रांट के अंतर्गत पीतांबरपुर ,बनियावाला, गोरखपुर में जिम्प पायनियर स्कूल के एन0सी0सी0 केडेटों व कूड़ा-कचरा निष्पादन जिम्प पायनियर स्कूल छात्र समिति द्वारा को ग्रामवासियों को कूड़े-कचरे का सही प्रकार से निष्पादन के तरीके  बताए |

एन0सी0सी0 केडेटों ने बताया कि घरेलू कचरा जैसे घास, पत्तियाँ, बचा खाना, गोबर वगैरह का प्रयोग खाद बनाने में किया जाता है।गोबर और कूड़े-कचरे की खाद बनाने के लिए एक गड्ढा खोदें। गड्ढे का आकार कूड़े की मात्रा तथा उपलब्ध स्थान के अनुरूप हो। आमतौर पर एक छोटे ग्रामीण परिवार के लिए 1 मीटर लम्बा और 1 मीटर चौड़ा और 0.8 मीटर गहरा गड्ढा खोदना चाहिए। गड्ढे का ऊपरी हिस्सा जमीन के स्तर से डेढ़ या दो फुट ऊँचा रखें। ऐसा करने से बारिश का पानी अन्दर नहीं जाएगा।गड्ढे में घरेलू कृषि, कूड़ा-कचरा एवं गोबर भूमि में गाड़ देना होता है। खाद करीब छह महीने के अन्दर तैयार हो जाती है। गड्ढे से खाद निकाल कर ढेर करके मिट्टी से ढक देनी चाहिए। इसे खेती के उपयोग में ला सकते हैं।

 

कूड़ा-कचरा निष्पादन जिम्प पायनियर स्कूल छात्र समिति द्वारा ग्रामवासियों को वर्मीकल्चर विधि के बारे में बताया गया |उन्होने बताया कि  केचुओं द्वारा जैविक विघटन कचरा जैसे सब्जी का छिलका, पत्तियाँ, घास, बचा हुआ खाना इत्यादि से खाद तैयार की जाती है। एक लकड़ी के बक्से या मिट्टी के गड्ढे में एक परत जैविक विघटन कचरे की परत बिछाई जाती है और उसके ऊपर कुछ केचुएँ छोड़ देते हैं। उसके ऊपर कचरा डाल दिया जाता है और गीलापन बरकरार रखने के लिए पानी का छिड़काव किया जाता है। कुछ समय के उपरान्त यह बहुत ही अच्छी खाद के रूप में परिवर्तित हो जाती है।

इस अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पाण्डेय ने कहा “ जनसंख्या वृद्धि और प्रचंड उपभोक्तावाद के कारण प्राकृतिक संसाधनों का दोहन अपने चरम पर है। और हमारे सामने पर्यावरण को बचाए रखने का महत्वपूर्ण दायित्व है। जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज के मुद्दे पर एकजुट हो रही हो तब एक मनुष्य और समाज के रूप में हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रकृति के साथ तारतम्यता बनाकर जीना है और उसी के मुताबिक अपनी जीनशैली को ढालना है।“

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  श्री शिव प्रसाद देवली ने ग्रामवासियों को बताया कि कचरा प्रबंधन इस दिशा में उठाया गया बेहतरीन कदम साबित हो रहा है। रीसायक्लिंग से कई उपभोक्ता वस्तुएं बाजार में दोबारा उपलब्ध हो जाती है जो कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन में कमी ला रही है। एल्युमिनियम, तांबा, स्टील, कांच, कागज और कई प्रकार के प्लास्टिकों की रीयासक्लिंग की जा सकती है। धातुओं की रीसायक्लिंग करने से मांग के अनुरूप कई वस्तुएं बाजार में उपलब्ध हो जाती है और खनन में कमी आती है।

कागज को रीसायकल कर कम से कम उतने और पेड़ों को तो कटने से रोका जा सकता है। वहीं कचरा निस्तारण में घरों से निकले आर्गेनिक कचरे को बायो कंपोस्ट और मीथेन गैस में बदल कर लोगों द्वारा उपयोग किए गए खाद्य पदार्थों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। मीथेन गैस जहां ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत है वहीं जैविक खाद मिट्टी की ऊर्वरता को स्वाभाविक रूप से बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। यह किसानों की कृत्रिम खाद पर निर्भरता को भी कम करती है। जैविक खाद से बने उत्पादों की बाज़ार में अच्छी खासी कीमत मिलती है।

 

कुमाऊँ संस्कृति संरक्षण समिति बनियावाला के अध्यक्ष श्री नीरज आनंद जोशी,उपाध्यक्ष श्री जगदीश सिंह बोरा ,सचिव श्री गोविंद सिंह रावल ,श्री नारायण दत्त पाण्डेय कार्यकर्ता  श्री राम सिंह राणा ,श्री उर्बा दत्त पाण्डेय ,श्री मोहन सिंह रावत ,श्री महेंद्र सिंह बिष्ट ,श्री हरीश द्विवेदी ,श्री मोहन सिंह दरम्याल ,श्री राम सिंह,लोक गायक श्री गौतम सजवान व श्री राकेश कोठियाल ,ग्राम पंचायत सदस्य श्री मोहन सिंह रावत ने ग्रामवासियों को बताया कि अक्सर देखने में आता है कि घर का कचरा, जिसमें कि लोहे के डिब्बे, कागज, प्लास्टिक, शीशे के टुकड़े जैसे इनऑर्गेनिक पदार्थ या बचा हुआ खाना, जानवरों की हड्डियाँ, सब्जी के छिलके इत्यादि ऐसे ही खुले स्थानों पर फेंक दिए जाते हैं। जिन क्षेत्रों में लोग दुधारू पशु, मुर्गी या अन्य जानवर पालते हैं। वहाँ इन जानवरों का मल भी वातावरण को प्रदूषित करता है। कूड़े-कचरे का सही प्रकार से निष्पादन न होने से पर्यावरण गन्दा होता है। दुर्गन्ध फैलने के अतिरिक्त इसमें कीटाणु भी पनपते हैं जो कि विभिन्न रोगों के कारक होते हैं। ऐसे स्थानों पर मच्छर, मक्खियाँ और चूहे भी पनपते हैं। अतः घर में, घर के बाहर या बस्तियों में पड़ा कचरा समुदाय के स्वास्थ्य के लिए भयंकर दुष्परिणाम पैदा कर सकता है।

     

Students of Jimp Pioneer School Visit IMA

जिम्प पायनियर स्कूल ग्राम-पीतांबरपुर ,आर्केडिया-ग्रांट , देहरादून के कक्षा-8 व 9 के 80 विद्यार्थियों ने भारतीय सेन्य अकादमी देहरादून का भ्रमण किया | भारतीय सेन्य अकादमी में उन्होने  भारतीय सेन्य अकादमी में म्यूजियम(दरबार हाल),वार मेमोरियल ,स्विमिंग पूल,पी0टी0 ग्राउंड ,हॉर्स स्टेबल,आफिसर्स मेस, चेटवूड बिल्डिंग ,केडेट लिविंग आदि का भ्रमण किया|

विद्यार्थियों के साथ विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिका  श्री मनवर सिंह रौथान ,श्रीमती ज्योति गुप्ता आदि गए|

इस अवसर पर श्री मनवर सिंह रौथान ने कहा कि  सभी छात्र-छात्राएं अनुशासन भारतीय सेना से सीखकर अपना जीवन अनुशासित करें |उन्होने कहा कि अनुशासन का जीवन में बहुत ही महत्व है। अनुशासन में रह कर ही छात्र-छात्राएं जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

जिम्प पायनियर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पांडे ने कहा कि हम सभी को देशभक्ति भारतीय सेना से सीखनी चाहिए |देशभक्ति  मानव के हृदय में जलने वाली ईश्वरीय ज्वाला है जो अपनी जन्म भूमि को अन्य सभी से अधिक प्यार करने की शिक्षा देती है ।देशभक्त अपने देश के लिए बड़े से बड़े त्याग करने के लिए आतुर रहते हैं और अपनी मातृभूमि के लिए बलिदान होने के लिए सदा तैयार रहते हैं ।मां और मातृभूमि तो स्वर्ग से भी महान है । अपने देश के दु:खों और खतरों में हमें इसके साथ खड़ा होने, इसके लिए कार्य करने और यदि आवश्यकता पड़े तो इसके लिए अपना जीवन अर्पण करने के लिए तैयार रहना चाहिए ।

                                                   

Road Safety

दिनांक 12-05-2018 को जिम्प पायनियर स्कूल ग्राम-पीतांबरपुर आर्केडिया-ग्रान्ट देहरादून के एनसीसी केडेटों ने ग्राम –बड़ोंवाला आर्केडिया-ग्रान्ट देहरादून में ग्रामवासियों को सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों की जानकारियाँ दी | उन्होने ग्रामवासियों को  हेलमेट के उपयोग सुरक्षा की जानकारी दी। 

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यातायात नियमों का पालन कर सीट बेल्ट लगा अपनी खुद की सुरक्षा करें व सड़क दुर्घटना तथा  चोट के मामलों की संख्या को कम करने के साथ ही सावधान और सुरक्षित होने के लिये सभी आयु वर्ग के लोगों के लिये सड़क सुरक्षा बहुत जरुरी है। इसलिये, सभी को सख्ती से सड़क यातायात लाईटों के सभी नियमों, नियंत्रकों और चिन्हों का अनुसरण करना चाहिये। स्कूल में शिक्षकों के द्वारा उचित शिक्षा पाने और घर पर अपने अभिवावकों से बच्चों को सही ज्ञान के द्वारा सड़क सुरक्षा के बारे में अच्छे से अभयस्त होना चाहि|

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पांडे ने कहा  कि हेलमेट को बोझ समझकर, अपनी सुरक्षा के लिए पहने। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के उपाय अपनाने के साथ-साथ ग्रामवासियों को भी जागरूक करने को कहा |