Say no to Tobacco

On 01-06-2019, JIMP PIONEER SCHOOL’s NCC Cadets alongwith Mrs. Shalini Verma (NCC Care Taker) made people aware and educated them about the harmful effects of tobacco on health and causes several diseases like tooth decay, cancer, cardiovascular disease, staining of teeth etc. Mrs Shalini Verma (NCC Care Taker) told that Anti Tobacco Day or World No Tobacco Day is observed on 31 May worldwide every year. Principal of the school Mr Jagdish Pandey confabulated that life is a precious gift of nature; we should value life and should not waste it by doing senseless and meaningless things. Tobacco can make you happy for sometime or give pleasure for sometime but a healthy person with no such habits can lead a good and happy life and can go far in life.

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Say no to Tobacco

दिनांक 01-06-2019 (शनिवार ) को जिम्प पायनियर स्कूल के एन0सी0सी0 केडेटों ने श्रीमती शालिनी वर्मा अद्यापिका के नेतृत्व में पीतांबरपुर,आर्केडिया-ग्रान्ट देहरादून में क्षेत्रवासियों को तम्बाकू का नशा –कारण ,लक्षण बचाव एवं उपचार के बारे में जागरूक किया | उन्होंने बताया कि तंबाकू के सेवन से मुंह में अनेकों रोग उत्पन्न हो सकते है। सफेद दाग, मुँह का नहीं खुल पाना, तथा कैंसर रोग भी हो सकता है। बीड़ी-सिगरेट के पीने से शरीर में व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसके कारण हृदय की धमनियों में रक्त प्रवाह कम हो सकता है। हृदय रोग हो सकता है । रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) बढ़ सकता है। साँस की बीमारी जैसे ब्रोंकाइटीस, दमा, तथा फेफड़ों का कैंसर हो सकता है। इसके अतिरिक्त इसका प्रभाव शरीर के स्नायुतंत्र में पड़ता है। इसकी और भी बहुत सी हानियाँ हैं। किशोरावस्था में उत्सुकता वश या मित्रों के साथ इन पदार्थो का सेवन शुरू होता है फिर उनका शरीर इस मादक पदार्थ का आदी हो जाता है और फिर वह उसको छोड़ नहीं पाते। उन्होंने बताया कि अपने मन से दृड़ निश्चय करके ही नशे जैसी बुरी लत को छोड़ सकते हैं | इस अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पाण्डेय ने बताया कि शिशु काल से लेकर युवावस्था तक बच्चों के परिपूर्ण चरित्र निर्माण में सबसे बड़ा योगदान माता-पिता, शिक्षकों तथा स्वयं बच्चों के अपने प्रयास का होता है।माता-पिता को अपने व्यस्त कार्यक्रम से अपने बच्चों के लिए अपना कुछ समय अवश्य निकालना चाहिये व बच्चों के मन की बातों को सुनना चाहिये|बच्चों के अंदर बचपन से ही अच्छे संस्कार भरने चाहिये|
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