Effect of Smoking

जिम्प पायनियर स्कूल ग्राम पीतांबरपुर,आर्केडिया-ग्रांट देहरादून में दिनांक 10-08-2017 को प्रात: 11 बजे “युवाओं में बड़ती नशे की प्रवृति व धूम्रपान के दोष” विषय पर कक्षा 11 व 12  के विध्यार्थियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया| इस प्रतियोगिता में कक्षा 11 व 12 के विध्यार्थियों ने भाग लिया| वक्ताओं में श्री मनीष पंत ने वर्तमान समय में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए जनजागरूकता पर जोर दिया। इसमें विध्यार्थियों को नशे से दूर रहकर समाज को बेहतर बनाने व राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग देने को कहा |

इस अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पाण्डेय ने कहा कि आज हमारे सामने एक सबसे बड़ी सामाजिक समस्या पैदा हो रही है, युवाओं के नशे का शिकार होना, जो कल के होने वाले देश के जांबाज कर्णधार हैं आज वही सबसे ज्यादा नशे के शिकार हैं, जिनको देश की उन्नति में अपनी ऊर्जा लगानी  थी वो आज अपनी अनमोल शारीरिक और मानसिक ऊर्जा चोरी, लूट-पाट और मर्डर जैसी सामाजिक कुरीतिओं में नष्ट कर रहे हैं | अत: प्रत्येक  माता- पिता को अपनी दैनिक व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय अवश्य निकालकर अपने बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए व उनकी छोटी-छोटी  उपलब्धियों पर भी गर्व करना चाहिए और बच्चों में आत्मविश्वास जगाना चाहिए | आज की चकाचौंध भरी जिंदगी में हम इतने स्वार्थी हो गए हैं कि हमे यहाँ तक ख्याल नहीं रहता कि हमारा बच्चा किस रास्ते पर जा रहा है, क्या कर रहा है कोई परवाह नहीं| बस बच्चे कि ख्वाहिशें पूरी करते जा रहे हैं|  प्रत्येक माता-पिता को चरित्र निर्माण में अपने बच्चे की मदद करनी चाहिए ,स्वयं अपने बच्चों के लिए आदर्श बनना चाहिए |

मुख्य अतिथि श्री चंद्रमोहन पवार देहरादून ने विध्यार्थियों को नैतिक मूल्यों पर बोलते हुए कहा कि सभी विध्यार्थी अपने अंदर अच्छे संस्कार विकसित करें |  विश्व बंधुत्व की भावना, मानवतावाद, समता भाव, प्रेम और त्याग जैसे नैतिक गुणों के द्वारा ही विश्व शांति, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, मैत्री आदि की कल्पना की जा सकती है | आज हमें पैसों के  लालच ने इतना अंधा कर दिया है कि हम सामाजिक बुराइयों को जन्म देने में जरा भी नहीं हिचकते | जिस व्यवसाय को लोग समाज में सबसे पूज्यनीय मानते थे वही आज इस बुराई को जन्म दे रहे हैं| जिन दवाओं को बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलना चाहिए आज वही दवाएं धड़ल्ले से बिना पर्चे के और और कई गुना रेट पर मिल रही हैं समाज के इस सबसे बड़ी बुराई को दूर करने के लिए सबसे पहले हमें  जागरूक होना होगा फिर प्रशासन को| हमें लालच जैसी लाइलाज बीमारी को अपने अन्दर से निकाल फेंकना होगा, नहीं तो यह कुरीति धीरे-धीरे एक दिन हमें व हमारे पुरे समाज को फिर हमारे इस पुरे सुन्दर भारत को खा जायेगा फिर हमारा दुनिया में कोई भी अस्तित्व नहीं रह जायेगा|

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