Beti Bachao Beti Padhao

दिनांक 17-07-2018 को जिम्प पायनियर स्कूल ग्राम-पीतांबरपुर,आर्केडिया-ग्रान्ट ,प्रेमनगर देहरादून के एन0सी0सी0 केडेटों ने आर्केडिया-ग्रान्ट ग्राम के अंतर्गत श्यामपुर,राघव विहार गाँव में ग्रामवासियों को बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ का संदेश किया | केडेटों ने ग्रामवासियों के घर-घर जाकर ग्रामवासियों को “बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ” के अंतर्गत बेटियों को बेटों के समान ही विकास के समान अवसर प्रदान करने को कहा|

माया मेहरा,अभिषेक चौधरी ,आदित्य रावत ,अमन वर्मा, एन0सी0सी0 केडेटों ने बताया कि जनता के सहयोग से ही किसी अपराध को रोका जा सकता है| कन्या भ्रूण हत्या एक ऐसा अपराध है इसमें परिवार हैं समाज के लोगों की भागीदारी होती है, इसलिए जागरुक नागरिक ही इस कुकृत्य को समाप्त करने में विशेष भूमिका निभा सकते हैं| सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन समाज से इस कलंक मिटाने के लिए प्रयासरत है| इस कार्य में मीडिया भी अपनी सशक्त भूमिका निभा रहा है, आवश्यकता बस इस बात की है कि जनता भी अपने कर्तव्य को समझते हुए कन्या भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक कलंक मिटाने में समाज का सहयोग करें| सच ही कहा गया है आज बेटी नहीं बचाओगे तो कल मां कहां से पाओगे|

शिवानी रावत,सौरभ गौड़ , सचिन राठोर,क्षितिज रावत एन0सी0सी0 केडेटों ने बताया कि साक्षर महिला ही अपने अधिकारों की रक्षा कर पाने में सक्षम होती है, इसलिए हमें महिला शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा| महिला परिवार की धुरी होती है| समाज के विकास के लिए योग्य माताओं, बहनों एवं पत्नियों का होना अति आवश्यक है| यदि महिलाओं की संख्या में कमी होती रही तो सामाजिक संतुलन बिगड़ जाएगा|

कार्तिक कुमार,प्रोहल थापा,रिचा नेगी, आयुष जोशी, अर्जुन सैनी एन0सी0सी0 केडेटों ने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या आज एक ऐसी अमानवीय समस्या का रुप धारण कर चुकी है, जो कई और गंभीर समस्याओं की भी जड़ है| भारत में वर्ष 1901 में प्रति 1000 पुरुषों पर 972 महिलाएं थी, वर्ष 1991 में महिलाओं की यह संख्या घटकर 927 हो गई| वर्ष 1991-2011 के बीच महिलाओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई| वर्ष 2011 की जनगणना में प्रति हजार पुरुषों पर 940 महिलाएं हो गई| सामाजिक संतुलन के दृष्टिकोण से देखें, तो यह वृद्धि पर्याप्त नहीं है| नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2013 में भारत में कन्या भ्रूण हत्या के कुल 217 मामले दर्ज किए गए, जिनमें सबसे अधिक 69 मध्य प्रदेश से, 34 राजस्थान से और 21 हरियाणा से संबंधित थे|

अनीश मेहता,आयुष यादव कार्तिक शर्मा ,कार्तिक वर्मा,सिद्दांत राठोर ,दिया भट्ट,खुशबू नेगी,रजत महर , अंकित नौटियाल ,चरणजीत सिंह आदि एन0सी0सी0 केडेटों ने ग्रामवासियों को बताया कि इन आंकड़ों को देखकर हम यह सोचने के लिए विवश हो जाते हैं कि क्या हम वही भारतवासी हैं, जिनके धर्मग्रंथ-यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता: अर्थात जहां नारी की पूजा होती है वहां देवताओं का वास होता है, जैसी बातों से भरे पड़े हैं| संसार का हर प्राणी जीना चाहता है और किसी भी प्राणी के प्राण लेने का अधिकार किसी को भी नहीं है

श्री नित्येंदर सिंह (एन0सी0सी0 केयर टेकर) ने ग्रामीण महिलाओं से प्रश्न पुछे कि यदि बेटी नहीं पैदा होगी तो बहू कहां से लाओगे हम जो चाहते हैं समाज भी वही चाहता है हम चाहते हैं कि बहु पढ़ी-लिखी मिले लेकिन बेटियों को पढ़ाने के लिए हम तैयार नहीं होते हैं आखिर यह दोहरापन कब तक चलेगा यदि हम बेटी को पढ़ा नहीं सकते तो शिक्षित बहू की उम्मीद करना भी बेमानी है जिस धरती पर मानवता का संदेश दिया गया हो वहां बेटियों की हत्या बहुत ही दु:ख देती है भारत के सम्मानित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की | यह अभियान केंद्र सरकार के महत्वकांक्षी कार्यक्रमों में से एक है|

केडेटों के साथ-साथ श्री नित्येंदर सिंह (एन0सी0सी0 केयर टेकर) ग्राम-आर्केडिया-ग्रान्ट में जागरूकता अभियान में साथ रहे |

इस अवसर पर जिम्प पायनियर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पाण्डेय ने बताया कि देश, समाज और परिवार के उज्जवल भविष्य के लिये महिला सशक्तिकरण बेहद जरुरी है। महिलाओं को स्वच्छ और उपयुक्त पर्यावरण की जरुरत है जिससे कि वो हर क्षेत्र में अपना खुद का फैसला ले सकें चाहे वो स्वयं, देश, परिवार या समाज किसी के लिये भी हो। देश को पूरी तरह से विकसित बनाने तथा विकास के लक्ष्य को पाने के लिये एक जरुरी हथियार के रुप में है महिला सशक्तिकरण।

ग्रामवासियों ने जिम्प पायनियर स्कूल के एन0सी0सी0 केडेटों द्वारा किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की प्रशंसा की|