Plantation Program done by NCC Cadets of Jimp Pioneer School

दिनांक 01 अगस्त 2018 व 02 अगस्त 2018 को जिम्प पायनियर स्कूल ग्राम-पीतांबरपुर ,आर्केडिया-ग्रांट , देहरादून के एन0सी0सी0 केडेटों ने जिम्प पायनियर स्कूल में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया | इस अवसर पर एनसीसी केडेटों द्वारा विद्यालय व विद्यालय से बाहर ग्राम-पीतांबरपुर में नीम व अमरूद के वृक्षों का वृक्षारोपण किया| तत्पश्चात जिम्प पायनियर स्कूल के एन0सी0सी0 केडेटों ने ग्रामवासियों को घर-घर जाकर वृक्षों के महत्व को बताया व अधिक से अधिक संख्या में वृक्ष लगाकर उनकी सुरक्षा करने को कहा| प्रज्ज्वल थापा, प्रोहल थापा, राधिका महर, सचिन राठौड़, सौरभ गौड़ , क्षितिज सिंह रावत,अंजली पाण्डेय, दिव्या भट्ट,निशा कुमारी,सलोनी आदि केडेटों ने बताया कि वृक्षारोपण के लाभ बहुत ज्यादा हैं लेकिन हम अभी भी उनके महत्व की अनदेखी करते हैं। यह समय है कि हम यह महसूस करें कि पेड़ हमारे पर्यावरण के साथ-साथ हमारे सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। हममें से हर एक को जब भी संभव हो वृक्ष लगाना एक ज़िम्मेदारी के रूप में लेना चाहिए ताकि हम अपने ग्रह को जीवित रहने के लिए एक बेहतर स्थान बना सकें। कैडेट राधिका , कैडेट रिचा , कैडेट शिवानी रावत , कैडेट अभिषेक चौधरी, आदित्य रावत, अमन कुमार, अनीश मेहता, आयुष जोशी, आयुष यादव, कार्तिक शर्मा, कार्तिक वर्मा ,अंकित नौडियाल , चन्दन बिष्ट,रजत महर ,सौरभ थापा ,अभय तिवारी आदि केडेटों ने बताया कि ग्रामवासियों के समूह को वृक्षों को गोद लेने की परंपरा को अपनाना चाहिए| पेड़ लगाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए | हम चाहते हैं कि प्रदूषण कम हो एवं हम पर्यावरण की सुरक्षा के साथ सामंजस्य रखते हुए संतुलित विकास की ओर अग्रसर हो, तो इसके लिए हमें अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण का सहारा लेना होगा| जिम्प पायनियर स्कूल ग्राम-पीतांबरपुर ,आर्केडिया-ग्रांट , देहरादून के एन0सी0सी0 केयर टेकर श्री नित्येंद्र सिंह ने कहा “वृक्षारोपण का महत्व इतना स्पष्ट है तब भी कुछ ही मुट्ठी भर लोग हैं जो वास्तव में इस गतिविधि में शामिल होने का प्रण लेते हैं। बाकी अपने जीवन में इतने तल्लीन हो चुके हैं कि वे यह नहीं समझते कि बिना पर्याप्त पेड़ों के हम लंबे समय तक जीवित नहीं रह पाएंगे। यह सही समय है जब हमें वृक्षारोपण के महत्व को पहचानना चाहिए और उसकी ओर अपना योगदान देना चाहिए।“ इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री जगदीश पाण्डेय ने बताया कि वृक्षों के बिना धरती कैसी होगी, यह हम किसी मरुस्थलीय प्रदेश के दर्शन करके सहज ही समझ सकते हैं। वृक्ष हमारे लिए अनेक प्रकार से लाभदायक हैं। गर्मी की तपती दोपहर में वृक्षों की शीतल छाया का सुख तो वृक्षों से ही प्राप्त हो सकता है। छाया के अलावा वृक्षों से फल-फूल, जड़ी-बूटी, इमारती लकड़ी एवं ईंधन आदि अनेक आवश्यक सामग्रियाँ हमें प्राप्त होती हैं। वृक्षों से वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ने में मदद मिलती है। वनों से मानसून का चक्र भी संयमित होता है तथा मृदा के क्षरण पर भी रोक लगती है और जल संरक्षण भी संभव होता है। बेल और पीपल जैसे वृक्षों को पवित्र माना जाता है। लोग पवित्र वृक्षों की पूजा करते हैं। बाढ़ की विभीषिका को रोकने तथा मिट्टी को उर्वरा व उपजाऊ बनाये रखने में वृक्षों का अमूल्य योगदान है। वृक्षों के इस व्यापक महत्त्व को देखते हुए हर वर्ष वन महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर स्कूलों तथा कॉलेजों में वृक्षारोपण का कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। हमें भी अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने चाहिए और प्राकृतिक सौंदर्य तथा स्वास्थ्य का उपहार इन वृक्षों से प्राप्त करना चाहिए।